उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। प्रदेश में करीब साढ़े 3 करोड़ उपभोक्ताओं के पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने की योजना थी, लेकिन अब तक सिर्फ 78 लाख मीटर ही लगाए जा सके हैं।
हाल के दिनों में उपभोक्ताओं की शिकायतें सामने आईं—बिजली बिल में अचानक बढ़ोतरी, बिना वजह बिजली कटौती और तकनीकी दिक्कतों को लेकर कई जिलों में विरोध प्रदर्शन भी हुआ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने गठित की कमिटी
इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर एक तकनीकी समिति का गठन किया गया है, जो पूरे मामले की जांच करेगी। जब तक कमेटी अपनी रिपोर्ट नहीं देती, तब तक स्मार्ट मीटर लगाने का काम रोक दिया गया है।
➡ पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने जारी किए निर्देश
➡ सभी डिस्कॉम एमडी को दिए गए आदेश
➡ 70.50 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर पहले ही इंस्टॉल
➡ जिन उपभोक्ताओं के मीटर लग चुके हैं, उन्हें बदलने पर अभी कोई स्पष्ट आदेश नहीं
👉 क्या स्मार्ट मीटर से सच में बढ़ रहा है बिजली बिल?
👉 क्या दोबारा पुराने मीटर लगेंगे?
शक्ति भवन में हुई चर्चा माननीय ऊर्जा मंत्री जी की अध्यक्षता के कुछ बिंदु।

आज शक्ति भवन लखनऊ में बिजली विभाग के उच्च तथा क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ बैठक कर स्मार्ट /प्रीपेड मीटर सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा किया एवं निर्देशित किया कि:
1. स्मार्ट-प्रीपेड मीटर में उठ रहे तकनीकी मुद्दों की समीक्षा के लिए एक तकनीकी समिति बनाकर परीक्षण किया जाय और तब तक पुराने मीटरों को स्मार्ट-प्रीपेड मीटर से न बदला जाय।
2. जहाँ प्री-पेड मीटर लग चुके हैं उनमें बैलेंस शून्य होने पर भी अगले 3 दिन अथवा दो किलोवाट तक के कनेक्शन पर रुपये 200 तक के नेगेटिव बैलेंस होने तक बिजली न काटी जाय।और रविवार या त्योहार/अवकाश के दिन बिजली न काटी जाय।
3. स्मार्ट मीटर में बैलेंस कम होने पर SMS एवं कॉल के माध्यम से उपभोक्ताओं को सतर्क किया जाय।
4. बिल का भुगतान करने के बाद तत्काल विद्युत आपूर्ति बहाल की जाय। इसके लिए 24×7 टीम लगाकर रात-दिन तकनीकी और प्रशासनिक व्यवस्था किया जाय।
5. स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का समाधान शीघ्र किया जाय।
6. भुगतान के बाद पॉवर रिस्टोर में विलंब के लिए संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्यवाही किया जाय।
अब ये टीम अपना रिपोर्ट जब तक नहीं सबमिट करती है तब तक कोई नया स्मार्ट मीटर नहीं लगेगा ।

