उत्तर प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग और लगातार हो रहे फॉल्ट को देखते हुए बिजली कंपनियां एक बार फिर बड़े पैमाने पर संविदा कर्मचारियों की भर्ती की तैयारी कर रही हैं। गर्मी के मौसम में उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति देने और फॉल्ट को जल्द ठीक करने के लिए कुशल एवं अर्द्धकुशल संविदा कर्मियों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इस समय आंधी बारिश में आ रहे बिद्युत फाल्ट को लकर बिभाग बहुत ही परेशान है जिससे भर्ती करना बहुत जरुरी है |
बिजली संकट के कारण बढ़ी भर्ती की जरूरत
प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई थीं। इसके बाद कई क्षेत्रों में बिजली फॉल्ट को ठीक करने में अधिक समय लगने लगा। खासकर गर्मी के मौसम में ट्रांसफार्मर खराब होने, लाइन टूटने और फीडर में तकनीकी खराबी आने पर उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। अधिकारी भी छटनी करने में लग रहे कर्मचारी धरना देते रहे, फिर भी अधिकारियों ने बिल्कुल नहीं सुना और अपनी मनमानी की जिसका उपभोक्ताओं को विद्युत व्यवधान का सामना करना पड़ा और सरकार की किरकिरी हुई ।
बिजली विभाग के अधिकारियों का मानना है कि फॉल्ट ठीक करने के लिए पर्याप्त तकनीकी कर्मचारियों का होना जरूरी है। इसी कारण अब नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
ऊर्जा मंत्री ने अब लिया संज्ञान नहीं होगी छटनी
ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने आंधी के बाद विद्युत व्यवस्था की समीक्षा की,बोले की जनता को हर हाल में मिले निर्बाध बिजली संविदाकर्मियों को न निकालने का भी निर्देश दिया।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने आज लखनऊ स्थित संगम सभागार में विद्युत विभाग की समीक्षा बैठक कर प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, आंधी-तूफान के बाद उत्पन्न हुई विद्युत बाधाओं के निस्तारण तथा उपभोक्ता शिकायतों के समाधान की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। और इसे जल्द से जल्द दुरुस्त करने के लिए कहा ।
संविदाकर्मियों की छटनी गर्मी में बेपटरी हुई व्यवस्था
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड और अन्य वितरण कंपनियों के द्वारा पहले ही लगभग 20 हजार संविदा कर्मचारियों की छंटनी की गई थी। इसके बाद कई वितरण क्षेत्रों में तकनीकी कार्यों पर असर पड़ा। अब बिजली कंपनियां गर्मियों में बढ़ने वाले लोड को देखते हुए कर्मचारियों की संख्या कम होने से बिजली व्यवस्था बहुत जगह बाधित भी हुई जिससे विभाग संविदा कर्मचारियों की भर्ती पर विचार कर रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर फॉल्ट न ठीक होने से उपभोक्ताओं को परेशानी और सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है और बिजली व्यवस्था की छवि भी प्रभावित होती है। इसलिए फील्ड स्तर पर कर्मचारियों की उपलब्धता बेहद जरूरी है। जिससे नए संविदा कर्मियों की भर्ती करना अति आवश्यक हो गया है।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने शुरू की प्रक्रिया
रिपोर्ट के मुताबिक, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने कुशल और अर्द्धकुशल संविदा कर्मचारियों की भर्ती के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। अन्य बिजली वितरण कंपनियां भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
यदि भर्ती प्रक्रिया पूरी होती है तो हजारों युवाओं को रोजगार का अवसर मिल सकता है और बिजली व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। जिससे उपभोक्ताओं को बिजली की व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न नहीं होगा और सप्लाई भी ठीक से मिलेगी ।
संविदाकर्मियों की भर्ती से क्या होगा फायदा?
- बिजली फॉल्ट का तेजी से निस्तारण होगा।
- उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी।
- लाइन और ट्रांसफार्मर से जुड़ी समस्याओं का समाधान जल्दी होगा।
- युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
- बिजली वितरण कंपनियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी।
- कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव कम होगा।
- कर्मचारियों को अपने समय के अनुसार ड्यूटी करने में भी सहूलियत होगी।
निष्कर्ष बिंदु
उत्तर प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग और तकनीकी चुनौतियों को देखते हुए संविदा कर्मचारियों की भर्ती की तैयारी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी होती है तो बिजली फॉल्ट की समस्या कम हो सकती है और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिल सकती है।
वर्तमान में भारत के सभी राज्यों में से उत्तर प्रदेश में विद्युत आपूर्ति की मांग सबसे अधिक है नंबर एक पर डिमांड चल रही है जिसकी वजह से कर्मचारियों की संख्या कम होने से भी विद्युत विभाग पर बहुत अतिरिक्त भार और उपभोक्ताओं के गुस्सा का सामना करना पड़ रहा है अगर विभाग द्वारा यह भारतीय कर ली जाती हैं तो आने वाले समय में उपभोक्ताओं और विभाग को भी बहुत सहूलियत होगी।


